Dr. Raman Singh Biography | जीवन परिचय

हेल्लो मैं हूँ प्रिंस साहू स्वागत करता है आपका हमारे वेबसाइट में आज हम बात करेंगे, डॉक्टरी के पेशे को छोड़कर राजनीति में कमाल करने वाले उस नेता की कहानी है जिसके लिए सियासत में सादगी की पहचान है स्वभाव और सौम्यता ही संपत्ति है जनता का बेशुमार प्यार ही लोकप्रियता का पैमाना है नाम आपने भी सुना होगा रमन सिंह पूर्व चीफ मिनिस्टर ऑफ छत्तीसगढ़ के बारे में दोस्तों आपसे गुजारी है पोस्ट पूरा पढ़िए ताकि आपको Dr. Raman Singh Biography अच्छे से पता चले.

Dr. Raman Singh Biography

Dr. Raman Singh Introduction

पूरा नाम (Full Name)डॉ. रमन सिंह
जन्म तिथि (Date Of Birth)15 अक्टूबर 1952
जन्म स्थान (Birth Place)कवर्धा
उम्र (Age)67
पेशा (Professions)भारतीय राजनेता
किस पार्टी से जुड़े हुए हैं भारती जनता पार्टी
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
धर्म (Religion)हिंदू
पिता का नाम (Father's Name)Vighnaharan Singh Thakur
माता का नाम (Mother's Name)Sudha Singh
पत्नी का नाम (Wife Name)Veena Singh

डॉ. रमन सिंह का व्यक्तिगत जीवन

Dr Raman Singh का जन्म 15 अक्टूबर 1952 को कवर्धा में परिवार पूर्ण रूप से कृषि पर निर्भर था शुरुआती शिक्षा पास के एक स्कूल में हुई रमन सिंह ने साल 1975 में आयुर्वेदिक मेडिसिन में बीएएमएस किया एक तरफ पढ़ाई चलती दूसरी तरफ सियासी सीढ़ी पर कदम पढ़ते गए रमन सिंह ने डॉक्टर बंद कर कुछ दिन तक लोगों की सेवा भी की थी.

डॉ. रमन सिंह का राजनितिक जीवन

धैर्य रखने में माहिर छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह गजब के सियासत करते हैं शांत रहकर ही राज्य की राजनीति पर काबू रखने में उन्हें महारत हासिल है बीजेपी आलाकमान से लेकर संघ को साधने की कला में निपुण है स्कूल के दिनों में ही राजनितिक में शामिल हो गए थे स्कूल के दिनों में ही सियासत का पाठ समझना शुरू कर दिया था स्कूल से होकर राजनीति का रास्ता कॉलेज के दिनों में भी रमन सिंह के काम को काफी सराहा गया जिसका फायदा यह हुआ कि राजनीति में उनके लिए राहे खुलती चली गई.
रमन सिंह सियासत में आकर भी करकस बोली बोलने से हमेशा बचते रहे कई दफे कई मसलों पर सवाल जरूर थे लेकिन शांत रहते ही विरोधियों को खामोश कर देने की उनकी कला उनके कद को और भी तेजी से बढ़ा दी गई रमन सिंह को उनकी पार्टी के लोग अच्छे से जानते थे पार्टी और संगठन को भरोसे में लेकर रमन सिंह और दोनों को बरकरार बनाए हुए हैं रमन सिंह राजनीतिक दुनिया में ताल ठोकने 90 के दशक में आए थे तब मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग नहीं किया गया था,
रमन सिंह को पहली बार चुनाव में जीत मिली वह विधायक बनकर पहली बार विधानसभा पहुंचे 3 साल बाद 1993 में प्रदेश में चुनाव हुआ रमन सिंह लगातार दूसरी बार विधानसभा कार्यकाल पूरा होने के बाद देश में लोकसभा चुनाव के लिए बिगुल बज गया 1999 में वाजपेई जी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी चुनाव में वाजपेई जी ने रमन सिंह को राजनंदगाँव के लिए टिकट दिया रमन सिंह विधायक के बाद सांसद के चुनाव में भी जीत के इस चुनाव में रमन सिंह ने कांग्रेस के दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा को हरा दिया था उनका राजनीतिक स्वार्थ दिल्ली तक फैल गया रमन सिंह संसद भवन में बैठने लगे एक नया आयाम था, वाजपेई जी ने अपने मंत्रिमंडल में स्थान दिया रमन सिंह उद्योग और वाणिज्य राज्य मंत्री बन गए थे रमन सिंह 4 साल तक दिल्ली रहे वाजपेई जी के साथ मिलकर सियासी धार को और भी तेज करते रहे साल 2000 में मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग हो चुका था 2003 में विधानसभा चुनाव में बीजेपी को एक ऐसा चेहरा चाहिए था जिससे पार्टी और आम जनता हर कोई पसंद करें इस सियासी खेल में रमन सिंह बाजी मार के वाजपेई के साथ उनकी निकटता भी इस खेल में उनके साथ आ गई
Dr Raman Singh को छत्तीसगढ़ भेज दिया गया 2002 में उन्हें प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया इसके पीछे कई सारी बातें थी पार्टी चाहती थी कि एक ऐसा नेता सामने आए जो प्रदेश में संगठन को चुनाव से पहले अच्छे से मजबूत करें और पार्टी के साथ-साथ सियासत में भी नई धार दे रमन सिंह के लिए कई सारी चीजें आसान नहीं थी लेकिन वाजपेई जी और पार्टी के कद्दावर नेता को रमन सिंह की क्षमता और सबको साथ लेकर चलने की क्षमता पर पूरा विश्वास था बाद में रमन सिंह इस पर खरे उतरे प्रदेश में बीजेपी को बंपर जीत मिली इस जीत का श्रेय रमन सिंह के खाते में गया, उन्हें प्रदेश का सीएम बनाया गया डॉक्टर रमन सिंह छत्तीसगढ़ के प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री बनने के बाद आम लोगों के बीच अपनी पकड़ बनाने में लग गए उन्हें काफी हद तक सफलता भी मिली 2008 में भी रमन सिंह प्रदेश के सीएम बने यह जीत उन्हें अपनी छवि और सौम्यता के दम पर मिली रमन सिंह सुधार और भ्रष्टाचार विरोधी छवि को काफी तेजी से प्रदेश के लोगों के बीच बनाने लगे,
रमन सिंह को दूसरी बार 12 दिसंबर 2008 को मुख्यमंत्री बनाया गया रमन सिंह कभी अपने विरोधियों को हावी नहीं होने देते थे छत्तीसगढ़ में बीजेपी को आगे बढ़ाने का श्रेय हर बार रमन सिंह के खाते में गया यह भी एक कारण है कि तीसरी बार भी उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया.
छत्तीसगढ़ में रमन सरकार के लिए लोगों ने कहा है,साल 2006 में तत्कालीन रमन सरकार ने नक्सलवादियों का मुकाबला करने के लिए सलवा जुडूम को एक तरीके से सहयोग किया अलग बात है कि 5 साल बाद साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले से इस संगठन पर रोक लगा दी साल 2007 में रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ के हिस्से के लिए एक बड़ा पुरस्कार जीता संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का पुरस्कार नागरिकों की उन्नति के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया था.
सीएम रहते हुए रमन सिंह ने पीएम मोदी का रिकॉर्ड तोड़ा पीएम मोदी के नाम लंबे वक्त तक सीएम बने रहने का रिकॉर्ड है साल 2016 के जुलाई महीने में रमन सिंह ने सीएम के तौर पर 1230 दिन पूरे कि इससे पहले बीजेपी का कोई भी सीएम इतने लंबे वक्त तक इस पद पर नहीं रहा प्रदेश में विरोधियों ने कई दफे घेरने की कोशिश की एक बार साल 2004 में रमन सिंह को विवाद में घेर भी लिया गया मामला कोर्ट तक भी गया इस केस में रमन सिंह ने किसी तरह अपने आप को बचा लिया, इसी तरह रमन सिंह एक बालको जमीन घोटाले में भी फंसे थे लेकिन अपने खास अंदाज में रमन सिंह ने इस मसले में भी खुद को बचा लिया

Dr Raman Singh 2018 विधानसभा चुनाव के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत हो रहे थे पिछले चुनाव की तरह ही इस बार भी उनके लिए उनकी सौम्यता और स्वभाव ही सबसे बड़ा हथियार है छत्तीसगढ़ में पिछले कई सालों से नक्सलवाद को खत्म करने का श्रेय अपने हिस्से में लाकर इसे भुनाने की कोशिश किये लेकिन इस बार भूपेश बघेल ने बाजी मारी और छत्तीसगढ़ की सियासत बदल गयी.

भूपेस बघेल की जीवन परिचय 

तो दोस्तों ये थी Dr Raman Singh Biography जिसकी जानकारी हमने दी, उम्मीद करते हैं आपको ये जानकारी पसंद आई होगी, इस पोस्ट से संबंधित कुछ कहना चाहते हैं तो निचे कमेंट बॉक्स आपका इंतेजार कर रही है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *